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30 वर्षीय महिला पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंची अस्पताल, जांच में जो आया सामने वो जानकर हैरान हो जाएंगे आप

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 June 2020, 15:49 IST

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की रहने वाली 30 वर्षीय विवाहित महिला जब अपने पेट दर्द की शिकायत लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस कैंसर अस्पताल में गई तो उन्हें पता चला कि वो एक महिला नहीं बल्कि एक 'मर्द' है और वो एक दुर्लभ कैंसर (टेस्टिकुलर कैंसर) से जूझ रही हैं.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस कैंसर अस्पताल (Netaji Subhas Chandra Bose Cancer Hospital) में महिला का जांच करने वाले ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अनुपम दत्ता और सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ.सौमेन दास ने महिला का मेडिकल परीक्षण किया, जिसके बाद उन्होंने यह जानकारी साझा की है.


डॉ. अनुपम दत्ता ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया,"शारीरिक बनावट से वह एक महिला है. उसकी आवाज, विकसित स्तनों, सामान्य बाहरी जननांग से शुरू होकर, सब कुछ एक महिला के हैं. हालांकि, गर्भाशय और अंडाशय जन्म के बाद से अनुपस्थित रहे हैं. उसे कभी माहवारी भी नहीं हुई."

बता दें, महिला एक खास तरह से एंड्रोजन इनसेंसटिविटी सिंड्रोम से जूझ रही है जिसमें पैदा होने वाले बच्चे के शरीर अंदरूनी तौर पर पुरुष होते हैं और शरीर की बाहर की संरचना किसी लड़की जैसे दिखते हैं. कुछ मामलों में बाहरी तौर पर महिला और पुरूष दोनों तरह से मिलते-जुलते दिखाई पड़ते हैं. यह एक बहुत ही दुर्लभ स्थिति होती है और हर 22,000 लोगों में से सिर्फ एक में यह पाई जाती है.

खबरों की मानें तो महिला की शादी करीब 9 साल पहले हुई थी और वो एंड्रोजन इनसेंसटिविटी सिंड्रोम से जूझने के बाद भी सामान्य जिंदगी जी रही थी. हालांकि, इस दंपती ने कई बार बच्चे का प्रयास किया था लेकिन दंपती असफल रहा.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महिला की 28 वर्षीय बहन की जब जांच की गई तब उसमें भी एंड्रोजन इनसेंसटिविटी सिंड्रोम का पता चला. डॉ. दत्ता के इस बारे में आगे कहा,"पेट दर्द की शिकायत के बाद हमने जांचें की, रिपोर्ट में सामने आया कि महिला में टेस्टिकल्स हैं. इसके बाद उसकी बायोप्सी से साफ हुआ कि महिला टेस्टिकुलर कैंसर से जूझ रही है, जिसे सेमिनोमा कहते हैं. सेमिनोमा टेस्टिस में होने वाला दुर्लभ कैंसर है. वर्तमान में महिला की कीमोथैरेपी की जा रही है और उसकी हालत स्थिर है."

वहीं जब डॉ. दत्ता से यह पूछा गया कि जब महिला को इस बात का पता चला कि उसको वो इस सिंड्रोम से जूझ रही है तो उसने किस तरह की प्रतिक्रिया दी. इस पर उन्होंने कहा,"वो एक महिला के तौर पर बड़ी हुई हैं. उनकी शादी को लगभग एक दशक हो गया है. वर्तमान में, हम रोगी और उसके पति को सलाह दे रहे हैं, उन्हें सलाह देते हैं कि वे जीवन को जारी रखें."

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First published: 27 June 2020, 13:10 IST
 
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