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रूस ने दुनिया को चौंकाया, तैयार की दूसरी कोरोना वैक्सीन, दावा- नहीं कोई साइड इफेक्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 August 2020, 10:12 IST

चीन (China) के वुहान (Wuhan) शहर में कोरोना वायरस (Coronavirus) का पहला मामला बीते साल दिसंबर में सबके सामने आया था और आठ महीने से भी अधिक समय बीते जाने के बाद भी अभी तक इस वायरस की कोई वैक्सीन नहीं बन पाई है. इस दौरान 2 करोड़ 30 लाख से अधिक लोग अभी तक अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 8 लाख के अधिक लोग इस दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं. सीधे शब्दों में कहें तो महामारी खत्म होती नहीं दिख रही है.

हालांकि, रूस (Russia) ने दावा किया है कि उसने कोरोना वायरस की वैक्सीन Sputnik5 बना ली है और उसका रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद उसने अपने देशवासियों को भी इसका टीका लगवाना शुरू कर दिया है. लेकिन वैज्ञानिकों को रूस की वैक्सीन पर भरोसा नहीं है, क्योंकि उसने इस वैक्सीन के बारे में ज्यादा जानकारियां साझा नहीं कि है और उसने इस वैक्सीन के लिए ज्यादा परिक्षण भी नहीं किया है. दूसरी तरफ कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Sputnik5 वैक्सीन लगाने के बाद कई लोगों में साइड इफेक्ट दिखाई दिए.


 

वहीं अब डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने पूरी दुनिया को एक बार फिर चौंकाते हुए दावा किया है कि उसने कोरोना वायरस की दूसरी वैक्सीन EpiVacCorona बना ली है. रूस का कहना है कि जिन लोगों को दूसरी कोविड -19 वैक्सीन लगाई गई, उनमें कोई साइड इफेक्ट सामने नहीं आए. बताया जा रहा है कि रूस के दूसरे टीके का क्लिनिकल परीक्षण सितंबर में पूरा हो जाएगा, लेकिन 57 स्वयंसेवक जिन्हें शुरूआती तौर पर यह वैक्सीन लगाई गई है उनमें कोई दुष्प्रभाव नहीं दिखाई दिए हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग इस ट्रायल के लिए सामने आए हैं उन्हें EpiVacCorona की दो वैक्सीन लगाई जाएंगी, पहली खुराक लगाई जाने के 14-21 दिन बाद दूसरी खुराक दी जाएगी. दावा है कि अभी तक सिर्फ एक व्यक्ति को यह वैक्सीन लगाई गई है.

 

रूस की कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन Sputnik5 को रक्षा मंत्रालय और गामाले साइंटिफिक रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा विकसित किया गया था. जबकि दूसरी वैक्सीन का निर्माण साइबेरिया के वर्ल्ड क्लास वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट में किया गया है. बता दें, पहले वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी सोवियत यूनियन के लिए सीक्रेट बायोलॉजिकल वेपन रिसर्च प्लांट हुआ करता था.

रूस को उम्मीद है कि दूसरी कोरोना वैक्सीन का क्लिनिकल परीक्षण सितंबर अंत तक पूरा हो जाएगा और वो अक्टूबर में इसका रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद नवंबर से इसका उत्पादन शुरू कर देगा. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी ने कोरोना वायरस की 13 संभावित वैक्सीन पर काम किया और इस दौरान लैब में जानवरों पर इन वैक्सीन की जांच की गई थी.

रूस ने दुनिया को चौंकाया, तैयार की दूसरी कोरोना वैक्सीन, दावा- नहीं कोई साइड इफेक्ट

First published: 23 August 2020, 9:30 IST
 
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