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रिपोर्ट में दावा- अमेरिका की लैब में तैयार हुआ कोरोना वायरस, संक्रमित चूहे ने लैब टेक्नीशियन की उंगली पर काटा और फिर..

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 August 2020, 18:25 IST

चीन (China) के वुहान (Wuhan) शहर से फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण पूरी दुनिया में हाहकार मचा हुआ है. इस वायरस के कारण अभी तक पूरे विश्व में 2 करोड़ 20 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 7 लाख 77 हजार से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

चीन के जिस वुहान शहर से यह वायरस फैला था, वहां पर एक लैब हैं, शुरूआत में आरोप लगे कि इसी लैब में यह वायरस बनाया जा रहा था और किसी तरह से यहां इसने किसी को संक्रमित किया और फिर पूरे चीन में फैला. अमेरिकी के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने कई मौको पर चीन से ही कोरोना वायरस फैलने के आरोप लगाए है.


वहीं अब एक रिपोर्ट में इस तरह का दावा किया गया है कि साल 2016 फरवरी में एक चूहे को सार्स कोरोना वायरस से संक्रमित किया गया था और इस दौरान एक घटना भी हुई थी जिसे आम लोगों के छुपा लिया गया.

 

दरअसल, प्रोपब्लिका वेबसाइट की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिस दौरान चीन में कोरोना वायरस के लोकर जांच चल रही थी, उसी दौरान अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित यूएनसी चैपल हिल्स हाई सिक्योरिटी लैब में एक चूहे के ऊपर कोरोनावायरस की टेस्टिंग चल रही थी. लेकिन इस दौरान एक घटना ने चीन और अमेरिकी एजेंसियों को हिलाकर रख दिया था. हालांकि, कभी इस घटना का खुलासा नहीं हुआ.

रिपोर्ट के अनुसार, लैब में एक टेक्नीशियन जब कोरोना वायरस संक्रमित चूहे को एक सेफ्टी जार में रखकर कुछ काम कर रही थी, उस दौरान चूहे ने लैब टेक्नीशियन की रिंग फिंगर में जोरदार तरीके से काटा. वहीं इसके बाद लैब टेक्नीशियन को संक्रमण के संकेतों के लिए इंतजार करने के 10 दिनों तक क्वारंटाइन करने के बजाए लैब के अधिकारियों ने महिला को अगले 10 दिनों तक सामान्य जीवन जीने की अनुमति दी. हालांकि, इस दौरान उसे बस सर्जिकल मास्क पहनने को कहा गया और हर दिन में दो बार उसके तापमान को रिकॉर्ड किया गया.

 

लैब टेक्नीशियन अंततः बीमार नहीं हुई और ना ही उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी हुई, लेकिन उत्तरी कैरोलिना विश्वविद्यालय की चैपल हिल्स हाई सिक्योरिटी लैब जिसे काफी सुरक्षित माना जाता है, उस दौरान हुई इस घटना पर अब काफी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि इस लैब में हाल के वर्षों में कई प्रकार के आनुवांशिक रूप से कोरोना वायरस तैयार किए गए थे.

स्वास्थ्य संस्थानों के दिशानिर्देशों के विपरीत इस मामले में विश्वविद्यालय ने सार्वजनिक रूप से घटनाओं के बारे में महत्वपूर्ण विवरणों का खुलासा करने से इनकार कर दिया है, जिसमें शामिल वायरस के नाम, उनके लिए किए गए संशोधनों की प्रकृति और राष्ट्रीय , जनता के लिए क्या जोखिम थे.

रटगर्स विश्वविद्यालय के एक मॉलीक्यूलर बॉयोलॉजिस्ट रिचर्ड ईब्राइट, जिन्होंने प्रयोगशाला सुरक्षा मुद्दों पर कांग्रेस से पहले गवाही दी है, ने कहा कि UNC में कोरोना वायरस के साथ घटनाओं की श्रृंखला इस संभावना को हवा देती है कि यह महामारी, या भविष्य में एक, एक प्रयोगशाला दुर्घटना के रूप में उत्पन्न हो सकती है.

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First published: 19 August 2020, 17:47 IST
 
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