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नैनीताल में 84 साल बाद दिखा यह लाल रंग का दुर्लभ सांप, कुखरी जैसे होते हैं दांत

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 August 2020, 15:43 IST

उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) जिले में एक बहुत ही दुर्लभ रेड कोरल कुकरी सांप (Red Coral Kukri snake) देखा गया. वन विभाग ने अधिकारियों ने बताया कि इसका रेस्कयू नैनीताल के बिन्दुखत्ता क्षेत्र के एक घर से किया जहां पर यह छिपा हुआ था.

वन अधिकारियों के अनुसार, लाल रंग का यह सांप काफी दुर्लभ है और इसे पहली बार 1936 में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी इलाके में देखा गया था, जहां से इसे अपना वैज्ञानिक नाम 'ओलिगोडोन खेरिएन्सिस (Oligodon Kheriensis)' मिला. इसको कुकरी सांप इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके दांत 'गोरखाओं के कुकरी या घुमावदार चाकू जैसे होते हैं.


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इस सांप के बारे में प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) तराई पूर्व नीतीश मणि त्रिपाठी ने कहा,"गौला वन रेंज टीम को नैनीताल जिले के कुररिया खट्टा गांव के निवासी कविंद्र कोरंगा ने शुक्रवार सुबह एक सांप से बचाव के लिए मदद मांगी थी. जब हम वहां गए, तो ग्रामीणों ने सांप को पकड़ लिया और उसे प्लास्टिक की बोरी में बंद कर दिया." नीतीश मणि त्रिपाठी ने आगे बताया कि जो टीम सांप को बचाने के लिए गई थी, वो इसे देखकर काफी आश्चर्यचकित थी. उन्होंने कहा,"“यह दुर्लभ सांपों में से एक था- लाल कोरा कुकरी सांप. टीम ने उसे बचाया और जंगल में छोड़ दिया."

द स्टेटमैन की रिपोर्ट के अनुसार, कवेंद्र सिंह कोरागन जब अपना काम करने के बाद शाम को अपने घर आए, तब उन्होंने देखा कि कुछ लोगों की भीड़ उनके घर के बाहर खड़ी है. यह भीड़ उस लाल सांप को देखने खड़ी थी, जो उनके घर में घुस गया था. इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने भी पहली बार ही ऐसे लाल रंग के सांप को देखा है, और इसके बाद उन्होंने वन अधिकारियों को फोन किया.

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वहीं इस बारे में देहरादून स्थित वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) के वन्यजीव विशेषज्ञ विपुल मौर्य ने कहा कि रेड कोरल कुकरी एक बहुत ही दुर्लभ सांप है और उत्तराखंड में अब तक केवल दो बार देखा गया है. उन्होंने कहा,"यह 2015 में तराई पूर्वी वन प्रभाग के सुरई वन रेंज में देखा गया था. इससे पहले 2014 में, उत्तर प्रदेश सीमा के पास सुरई वन रेंज में इस सांप की सूचना मिली थी, लेकिन तब यह मृत पाया गया था."

रेड कोरल कुकरी सांप वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची 4 में सूचीबद्ध है. यह लाल और चमकीले नारंगी रंगों में पाया जाता है. यह गैर विषैला सांप निशाचर होता है और केंचुओं, कीड़ों और लार्वा को खिलाता है.

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First published: 9 August 2020, 15:00 IST
 
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