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धरती पर यहां कैद किए गए हैं एलियंस! जानिए क्या है इसका रहस्य

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 October 2021, 8:58 IST

एलियंस इंसान के बीच हमेशा से चर्चा का विषय रहा है. कई बार इस तरह के दावे भी किए गए कि पृथ्वी पर एलियंस आते हैं, लेकिन इन दावों में कितनी सच्चाई है कोई नहीं जानता. यही नहीं कुछ लोगों का दावा है कि अमेरिका में तो एलियंस को कैद कर रखा गया है. आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं. दरअसल, अमेरिका का एरिया-51 बहुत रस्यमयी माना जाता है. यहां पर सुरक्षा कड़ी रहती है और यहां पर किसी को आने की इजाजत नहीं है. कुछ कांस्पिरेसी थ्योरी में दावा किया गया है कि अमेरिका ने एरिया-51 में एलियंस को कैद कर रखा है और उन पर प्रयोग किए जा रहे हैं.

इस जगह को गुप्त रखा गया था जिसकी वजह से अमेरिका के लोगों को इस बारे में पता नहीं था. अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने साल 2013 में पहली बार एरिया-51 के बारे में दुनिया को बताया. आईए जानते हैं कि ऐसा क्या है जो इस जगह को इतना गुप्त रखा गया है. अमेरिका में साल 1950 से ही कहा जाता है कि एरिया-51 में एलियंस रहते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि यहां पर कंटीली बाड़ों के बीच रातों को उड़ते विमानों की चमक दिखाई देती थी. जून 1959 में पहली बार मीडिया में खबर प्रकाशित हुई कि नेवादा के आसपास रहने वाले लोग हरी चमक के साथ रहस्यमयी चीजों को उड़ता देखा है. 


इसके बाद से लगातार मीडिया में एलियंस से जुड़ी खबरें आने लगीं और लोग मानने लगे कि यहां पर एलियंस को कैदकर रखा गया है. अमेरिका के वैज्ञानिक बंधक बनाकर रखे गए एलियंस पर प्रयोग कर रहे हैं. नेवादा के इस क्षेत्र में किसी के भी आने पर रोक है, इसलिए ऐसी बातें की जानें लगीं.

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने साल 2013 में पहली बार स्वीकार किया कि एरिया-51 जैसी कोई जगह है, लेकिन एलियंस होने से इंकार कर दिया. सीआईए ने बताया कि यह एक अमेरिकी एयरफोर्स बेस है. नेवादा में एक सूखी हुई झील पर यह क्षेत्र बसा हुआ है. इस जगह को बिजली के तारों वाली कंटीली बाड़ों से चारों तरफ से घेरा गया है. 

इसकी सीमा पर जगह-जगह चेतावनी दी गई है कि अंदर आने की कोशिश करना खतरनाक साबित हो सकता है. इसके साथ ही हर जगह हथियारों से लैस जवानों को तैनात किया गया है. यह जवान चौबीस घंटे इस क्षेत्र की रखवाली करते हैं. इतनी कड़ी सुरक्षा है कि इस क्षेत्र के ऊपर से विमानों को भी आने-जाने की अनुमति नहीं है. यह क्षेत्र 3.7 किमी में फैला है. अब इस क्षेत्र को सैटेलाइट से देखा जा सकता है, लेकिन पहले ऐसा नहीं था. 

अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह लड़ाई के मैदान की नकल है. यहां पर युद्ध की तैयारी, ट्रेनिंग और अभ्यास किया जाता है. कथित सेना के अभ्यास के लिए बने इसे क्षेत्र को रूस पर नजर रखने के लिए बनाया गया था. यहां पर एक यू-2 नामक विमान भी था. सीआईए ने हरी लाइटों और किसी रहस्यमयी विमान के बारे में बताया था. उसने कहा था कि लोग जिस विमान के बारे में बात करते हैं वह पचास के दशक में दुनिया के किसी भी विमान से ज्यादा विकसित और अलग लगता था. 

तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी इसके बारे में बताया था, लेकिन उस समय सिर्फ यह जानकारी दी गई थी कि यह सेना के अभ्यास से जुड़ा हुआ है. माना जाता है कि अमेरिकी सेना अत्याधुनिक विमानों को बनाने के लिए एरिया 51 का इस्तेमाल करती है. यहां करीब 1500 लोगों की तैनाती है. कई बार इस जगह के बारे में खुलासा हुआ है कि यहां अमेरिका का खुफिया प्रोगाम चलता है. 

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एलियंस को लेकर कई कांस्पिरेसी थ्योरी हैं. जैसे कहा जाता है कि साल 1947 में न्यू मैक्सिको के रॉसवेल में एलियंस का एक अंतरिक्ष यान दुर्घटना का शिकार हो गया था. उस यान और उसके पायलटों के शवों को यहां रखा गया है. हालांकि अमेरिका की सरकार का कहना है कि यह दुर्घटनाग्रस्त विमान मौसम की जानकारी देने वाला बलून था. कई लोगों का मानना है कि एरिया-51 में एलियंस को कैद कर रखा गया है.

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First published: 13 October 2021, 8:58 IST
 
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