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इस जंगल में आकर खुदकुशी कर लेते हैं लोग, पेड़ों पर लटकी लाशें देखकर निकल जाती है लोगों की चीख

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 November 2021, 15:58 IST

पूरी दुनिया अनगिनत रहस्यों से भरी हुई है. ज्यादातर के बारे में इंसानों तो क्या वैज्ञानिक भी पता नहीं लगा पाए. आज हम आपके एक ऐसे ही रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं जो एक जंगल से जुड़ा हुआ है. ये जंगल जापान में स्थित है. इस जंगल के बारे में कहा जाता है कि लोग यहां आकर आत्महत्या कर लेते हैं. इसीलिए इस जंगल को ‘सुसाइड फॉरेस्ट’ यानी आत्महत्या करने वाले जंगल के नाम से जाना जाता है. ये हरा-भरा और सुंदर दिखने वाला जंगल मॉर्निंग वॉक के लिए नहीं बल्कि अपनी डरावनी कहानियों के प्रसिद्ध है. बताया जाता है कि इस जंगल में तमाम लोगों ने खुदकुशी कर ली. इसके अलावा इस जंगल को लेकर लोगों में कई तरह की मान्यताएं भी हैं.

कुछ लोगों का मानना है कि इस जगह पर भूतों का वास है, जो लोगों को आत्महत्या करने पर मजबूर करते हैं. बता दें कि ये जंगल दुनिया के सबसे पॉप्युलर सुसाइड प्लेसेज में दूसरे नंबर पर है. ये जंगल जापान की राजधानी टोक्यो से कुछ ही घंटे की दूरी पर स्थित है. बता दें कि जैसा ही ऑकिगहरा जंगल में प्रवेश करेंगे तो आपको चेतावनियां पढ़ने को मिलेंगी. जैसे कि ‘अपने बच्चों और परिवार के बारे में ध्यान से सोचें’, ‘आपका जीवन आपके माता-पिता द्वारा दिया हुआ कीमती तोहफा है’. ये जंगल जापान के टोक्यो से 2 घंटे की दूरी पर स्थित माउंट फूजी के नॉर्थवेस्ट में स्थित है और 35 स्क्वेयर किमी के बड़े एरिया में फैला हुआ है.


इतना ही नहीं ये जंगल इतना घना है कि इसे पेड़ों का सागर भी कहते हैं. ये जंगल इतना घना है कि यहां से निकलकर आना बेहद मुश्किल है. इस जंगल में आत्माओं का वास माना जाता है. आधिकारिक रिकॉर्ड्स के मुताबिक, साल 2003 से इस जंगल में करीब 105 शव खोजे गए.. इनमें से ज्यादतर बुरी-तरह सड़ चुके थे,  वहीं कुछ को जंगली जानवरों ने खा लिया था. साथ ही ये भी माना जाता है कि जंगल इतना घना है कि लोग रास्ता भूल जाते हैं और फिर डर की वजह से वो खुद से ही अपनी जान ले लेते हैं.  सबसे हैरानी की बात ये है कि इस जंगल में कंपास या मोबाइल जैसे उपकरण भी काम नहीं करते हैं.

इतना ही नहीं कंपास की सुई भी यहां कभी सही रास्ता नहीं दिखाती. इसका कारण ये बताया जाता है कि ज्वालामुखी से निकलने वाले लावा ने मिट्टी का रूप ले लिया है, जिसमें आयरन भारी मात्रा में होता है. मैग्नेटिक आयरन के चलते कंपास की सुई हर वक्त हिलती रहती है और सही मार्ग नहीं दिखा पाती है. यही नहीं यहां मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं करता. इस वजह से अगर कोई इस जंगल में फंस जाए तो जंगल के बाहर संपर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है. इस जंगल के पास रहने वाले लोगों का कहना है कि रात में जंगल से चीखने की आवाजें आती हैं. कहा जाता है कि इस जंगल में अलग-अलग प्रजातियों के कई पेड़ हैं, जिनमें से बहुत से पेड़ तीन सौ साल से भी ज्यादा पुराने बताए जाते हैं.

First published: 13 November 2021, 15:58 IST
 
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