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चमत्कार से कम नहीं है ये जगह, जहां काम नहीं करती ग्रेविटी, यहां हवा में उड़ने लगती हैं चीजें

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 November 2021, 9:57 IST

दुनिया की कोई भी चीज आसमान से गिरने पर जमीन पर ही आती है. ये सब जमीन की ग्रेविटी के कारण होता है. आज हम आपको एक ऐसे स्थान के बारे में बताने जा रहे हैं जहां ग्रेविटी काम नहीं करती बल्कि चीजें आसमान में उड़ने लगती हैं. ये स्थान जमीन पर ही मौजूद है. इसे देखकर दुनियाभर के वैज्ञानिक भी हैरान है. इस स्थान पर आते ही चीजें जमीन पर न गिरकर आसमान में उड़ने लगती हैं. दरअसल, हम बात कर रहे हैं अमेरिका के हूवर डैम की. जो अमेरिका के नेवादा और एरिजोना राज्य की सीमा पर स्थित है. इसके पीछे की वजह हूवर डैम की बनावट को माना जाता है.

इसकी बनावट की वजह से ही कोई सामान हवा में उड़ने लगता है और उनपर ग्रेविटी का असर नहीं होता है. मान लो अगर हूवर डैम से कोई बोतल से पानी नीचे फेंकता है तो पानी जमीन पर न गिरकर हवा में उड़ने लगता है. हालांकि वैज्ञानिकों को मानना है कि ऐसा हूवर डैम की बनावट के कारण होता है. बता दें कि हूवर डैम की ऊंचाई और इसके धनुष के आकार में बने होने के कारण यहां चलने वाली हवा डैम की दीवार से टकराकर नीचे से ऊपर की तरफ चलने लगती है. इसीलिए हूवर डैम से नीचे फेंकी गई चीजें जमीन पर नहीं गिरती हैं बल्कि हवा में उड़ने लगती हैं.


बता दें कि हूवर डैम की ऊंचाई 726 फीट है. वहीं इसके बेस की मोटाई 660 फीट है जो फुटबॉल के दो मैदानों के बराबर है. हूवर डैम जिस नदी पर बनाया गया है उसका नाम कोलोराडो नदी है. कोलोराडो नदी की लंबाई 2334 किलोमीटर है. बता दें कि अमेरिका में हूवर डैम का निर्माण 1931 से 1936 के बीच किया गया था. हूवर डैम का नाम अमेरिका के 31वें राष्ट्रपति हर्बर्ट हूवर के नाम पर रखा गया था.

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इस बांध को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने 30 सितंबर, 1935 को राष्ट्र को समर्पित किया था. इसके निर्माण में हजारों श्रमिकों को लगाया गया था. जिनमें से निर्माम के दौरान करीब सौ श्रमिकों की मौत भी हुई. इस बांध के निर्माण के दौरान ही कांग्रेस (अमेरिकी संसद) द्वारा पारित बिलों में राष्ट्रपति हर्बर्ट हूवर का नाम देने का जिक्र किया गया. लेकिन रूजवेल्ट प्रशासन ने इसे बोल्डर बांध का नाम दिया. हालांकि साल 1947 में कांग्रेस द्वारा हूवर बांध का नाम दोबारो से बहाल कर दिया.

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First published: 13 November 2021, 9:57 IST
 
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