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ये है दुनिया का सबसे अनोखा शहर, जहां नहीं हुई सात दशक से किसी की मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 November 2021, 14:53 IST

दुनियाभर में रहस्यों की कमी नहीं है. आज हम आपको एक ऐसे शहर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां सात दशक यानी करीब 70 साल से किसी की मौत नहीं हुई. ये बात जानकर आपको हैरानी जरूर होगी लेकिन बात बिल्कुल सच है. दरअसल, हम बात कर रहे हैं, नार्वे के एक शहर के बारे में जहां पिछले 70 साल में किसी इंसान की मौत नहीं हुई है. इस शहर का नाम लॉन्ग इयरबेन है. ऐसा कहा जाता है कि इस स्थान पर कोई भी मर नहीं सकता है. इसकी वजह जानकर आपके मन में सवाल खड़ा होगा कि आखिर ऐसा क्यों होता है? तो चलिए आपको बताते हैं. बता दें कि नार्वे को मिडनाइट सन के नाम से भी जाना जाता है.

इस देश में मई महीने से लेकर जुलाई महीने के आखिरी तक सूर्य अस्त नहीं होता है. यहां पर लगातार 76 दिनों तक दिन रहता है और रात नहीं होती है. यहां के स्वालबार्ड में भी सूर्य 10 अप्रैल से 23 अगस्त तक नहीं डूबता है. लॉन्ग इयरबेन में यहां के प्रशासन ने एक कानून बनाया हुआ है जिसकी वजह से यहां लोग मर नहीं सकते हैं. यहां पर इंसानों की मौत पर बैन लगाकर रखा गया है.


बता दें कि नार्वे के उत्तरी ध्रुव में स्थित लॉन्ग इयरबेन में सालभर भीषण ठंड पड़ती है जिसकी वजह से यहां पर मृतकों के शव सड़ नहीं पाते हैं. इसकी वजह से यहां पर प्रशासन ने इसानों के मरने पर बैन लगाया हुआ है. सबसे हैरानी वाली बात यह है कि इस शहर में 70 सालों से किसी की मौत नहीं हुई है. बता दें कि इस शहर में 100 साल पहले किसी की मौत हुई थी.

गौरतलब है कि इस अनोखे शहर में ईसाई धर्म के ज्यादा लोग रहते हैं. साल 1917 में यहां पर एक शख्स की मौत हुई थी जो इनफ्लुएंजा से पीड़ित था. उस व्यक्ति के शव को लॉन्ग इयरबेन में दफन किया गया था, लेकिन उसके शव में अभी तक इनफ्लुएंजा के वायरस हैं. इसकी वजह से ही प्रशासन ने यहां पर किसी के मरने पर रोक लगा दी है जिससे शहर को किसी भी महामारी से बचाया जा सके.

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बता दें कि इस शहर में करीब 2000 लोग रहते हैं. अगर यहां पर कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है, तो उसे प्लेन से दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया जाता है. जिससे कि उसकी मौत वहां न हो. जब दूसरे स्थान पर उसकी मौत हो जाती है तो उसका अंतिम संस्कार भी वहीं कर दिया जाता है.

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First published: 10 November 2021, 14:53 IST
 
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