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वह मैच जिसमें दिलीप कुमार ने राज कपूर की गेंदों पर जड़े थे चौके, कौन जीता था वो मुकाबला ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 July 2021, 10:02 IST

जाने माने अभिनेता दिलीप कुमार (Dilip Kumar) ने बुधवार को 98 साल की उम्र में सबको अलविदा कह दिया. दिलीप कुमार के निधन के साथ हिंदी सिनेमा के स्वर्ण युग अंत हो गया. हिंदी सिनेमा के लिए दिलीप कुमार का योगदान कभी न भूलने वाला है. 6 दशक में उन्होंने कई सुपरहिट फिल्में दी. इस दौरान दिलीप कुमार को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिनमें पद्म भूषण, पद्म विभूषण और पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज शामिल हैं. उन्हें अक्सर भारतीय सिनेमा के ट्रैजेडी किंग के रूप में जाना गया.

दिलीप कुमार जा जन्म 11 दिसंबर 1922 को अविभाजित भारत के पेशावर में आयशा बेगम और मोहम्मद सरवर खान के घर मोहम्मद यूसुफ खान के रूप में हुआ था. वह 12 बच्चों में से पांचवें थे. पिता एक फल व्यापारी थे, जो 1930 के दशक में अपने बच्चों के साथ कोलकाता और बाद में मुंबई चले गए.


मुंबई में यूसुफ खान ने अंजुमन-ए-इस्लाम हाई स्कूल और बाद में विल्सन कॉलेज और फिर खालसा कॉलेज में पढ़ाई की. खालसा कॉलेज में उनकी मुलाकात राज कपूर से हुई, जो उनकी तरह हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े नामों में से एक थे. खान और कपूर एक दूसरे को पेशावर से जानते थे.

राज कपूर ने दिलीप कुमार द डेफिनिटिव बायोग्राफी (2004) में बनी रूबेन को बताया, "वह बहुत शर्मीले थे और हम उन्हें कॉलेज के नाटक में आने के लिए कहते थे. युसूफ खान ने थिएटर के बजाय क्रिकेट और फुटबॉल को प्राथमिकता दी. दिलीप कुमार ने रूबेन को बताया "मेरी एकमात्र महत्वाकांक्षा अब्बा के व्यवसाय को सीखना, बहुत सारा पैसा कमाना और परिवार को खुश रखना था."

दिलीप कुमार ने अभिनेत्री सायरा बानो से 1966 में विवाह किया, उस वक्त दिलीप कुमार 44 वर्ष और सायरा बानो 22 वर्ष की थीं. 1995 में उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

दिलीप कुमार की पहली फिल्म 'ज्वार भाटा' थी, जो 1944 में रिलीज हुई. 1949 में बनी फ़िल्म अंदाज़ की सफलता ने उन्हे प्रसिद्धी दिलाई, इस फ़िल्म में उन्होने राज कपूर के साथ काम किया. इसके अलावा दिदार (1951) और देवदास (1955) जैसी फ़िल्मो में दुखद भूमिकाओं के मशहूर होने के कारण उन्हे ट्रेजिडी किंग के रूप में जाना गया. मुगले-ए-आज़म (1960) में उन्होने मुग़ल राजकुमार जहांगीर की भूमिका निभाई. यह फ़िल्म पहले श्वेत और श्याम थी और 2004 में रंगीन बनाई गई. उन्होने 1961 में गंगा जमुना फ़िल्म का निर्माण भी किया, जिसमे उनके साथ उनके छोटे भाई नासीर खान ने काम किया.

1970, 1980 और 1990 के दशक में उन्होने कम फ़िल्मो में काम किया. इस समय की उनकी प्रमुख फ़िल्मे थी विधाता (1982), दुनिया (1984), कर्मा (1986), इज्जतदार (1990) और सौदागर (1991), 1998 में बनी फ़िल्म किला उनकी आखरी फ़िल्म थी. उन्होने रमेश सिप्पी की फ़िल्म शक्ति में अमिताभ बच्चन के साथ काम किया. इस फ़िल्म के लिए उन्हे फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार भी मिला.

दिलीप कुमार को फिल्मों के साथ साथ क्रिकेट भी बहुत पसंद था. 1962 में एक मुकाबला दिलीप कुमार और राज कपूर की टीमों के बीच भी हुआ था. इस मैच का मकसद सिने वर्कर्स के लिए फंड एकत्रित करना था. मुकाबले में राज कपूर की टीम ने जीत हासिल की थी. लेकिन दिलीप कुमार अपने दोस्त की जीत से खुश थे. उनके चेहरे पर हार का कोई मलाल नहीं था. इस मैच में दिलीप कुमार ने राज कपूर की गेंद पर शानदार चौके भी जड़े थे.

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार का निधन, 98 साल की उम्र में कहा दुनिया को अलविदा

First published: 7 July 2021, 9:58 IST
 
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