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1 अक्टूबर से बैंक के इन नियमों में हो रहा है बदलाव, नहीं समझे तो हो सकती है परेशानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 September 2021, 10:58 IST

बैंक, वित्त और शेयर बाजार से जुड़े नियमों में हर महीने कुछ न कुछ बदलाव होते हैं. एक अक्टूबर से बैंक फिर से कुछ बदलाव करने जा रहे हैं. अगर आपने इन बदलाव के बारे में नहीं जाना तो आपको नुकसान हो सकात है. इसलिए बैंक, वित्त और शेयर बाजार से जुड़े ये नियम जरूर जान लें. जिनमें पेेंशन जारी रखने के लिए 80 वर्ष और उससे ज्यादा उम्र के पेंशनभोगियों को जिंदा रहने का सबूत जमा करना जैसे नियम भी शामिल हैं. वहीं, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं को ऑटो डेबिट के लिए अब ग्राहकों की मंजूरी लेनी होगी. 

एक अक्टूबर से इन नियमों में हो रहा बदलाव


पेंशनभोगियों को जमा करने होंगे जीवन प्रमाण पत्र

अगर आप पेंशनभोगी हैं यानी आप रिटायर्मेट के बाद पेंशन ले रहे हैं तो आपको एक अक्तूबर से 80 या उससे ज्यादा उम्र के पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा मिलेगी. इसके लिए 30 नवंबर, 2021 तक का समय दिया गया है. प्रमाण पत्र देश के संबंधित डाकघरों के जीवन प्रमाण केंद्रों में जमा करना होगा. जीवन प्रमाण पत्र पेंशनभोगी के जिंदा होने का सबूत होता है. पेंशन जारी रखने के लिए इसे हर साल उस बैंक या वित्तीय संस्थान में जमा करना होता है, जहां पेंशन आती है.

ऑटो डेबिट के लिए बैंक लेंगे ग्राहकों की मंजूरी जरूरी

इसके साथ ही डेबिट/क्रेडिट कार्ड से होने वाले ऑटो डेबिट के लिए नया नियम लागू हो रहा है. आरबीआई के आदेश के मुताबिक, 1 अक्तूबर, 2021 से बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं को डेबिट/क्रेडिट कार्ड या मोबाइल वॉलेट पर 5,000 रुपये से ज्यादा के ऑटो डेबिट के लिए ग्राहकों से एडिशनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन की मांग करनी होगी. इसके तहत, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या मोबाइल वॉलेट से होने वाले ऑटो डेबिट तब तक नहीं होंगे, जब तक ग्राहक अपनी मंजूरी न दे. मंजूरी के लिए बैंकों या वित्तीय संस्थाओं को 24 घंटे पहले ग्राहकों के पास ऑटो डेबिट का मैसेज भेजना होगा. ऑटो डेबिट अगर सीधा बैंक खाते से होता है तो नए नियम का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

तीन बैंक बंद कर रही हैं चेकबुक

इसके अलावा एक अक्टूब से देश की तीन बैंक पुराने चेकबुक को भी बंद कर रही हैं. अगर आपका खाता ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और इलाहाबाद बैंक में है और आपको पास पुराने चेकबुक हैं तो इनके एमआईसीआर (मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकग्निशन) और आईएफएस (इंडियन फाइनेंशियल सिस्टम) कोड अमान्य हो जाएंगे. दरअसल, इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय हो चुका है, जो 1 अप्रैल, 2020 से प्रभावी है. ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय पंजाब नेशनल बैंक में हुआ है. इन तीनों पूर्ववर्ती बैंकों के ग्राहकों को 30 सितंबर तक नए चेकबुक लेने को कहा गया है.

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वेतन का 10 फीसदी निवेश करना होगा जरूरी

एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में काम करने वाले जूनियर कर्मचारियों को म्यूचुअल फंड की इकाई में अपने ग्रॉस वेतन का 10 फीसदी हिस्सा निवेश करना होगा. भारतीय विनिमय एवं प्रतिभूति बोर्ड (सेबी) का इस संबंध में नया नियम 1 अक्तूबर, 2021 से लागू हो रहा है. अक्तूबर, 2023 से निवेश की मात्रा को 10 से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया जाएगा. डीमैट और ट्रेडिंग खाता खोलने के लिए निवेशक को 1 अक्तूबर से अब नॉमिनेशन की जानकारी भी देनी होगी. अगर कोई इसकी जानकारी नहीं देना चाहता है तो उसे इस संबंध में डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर बताना होगा. बाजार नियामक ने डीमैट और ट्रेडिंग खाताधारकों को केवाईसी से जुड़ी जानकारी अपडेट के लिए 30 सितंबर, 2021 तक का समय दिया है. अपडेट नहीं करने पर 1 अक्तूबर से खाता निष्क्रिय हो जाएगा और खाताधारक शेयर बाजार में ट्रेड नहीं कर पाएगा.

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First published: 29 September 2021, 10:58 IST
 
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