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सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया के मैनेजमेंट पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- टी नटराजन के साथ किया भेदभाव, नहीं विश्वास तो पूछें अश्विन से..

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 December 2020, 11:24 IST

भारतीय क्रिकेट टीम (India National Cricket Team) के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) एडिलेड में हुए टेस्ट मैच के बाद स्वेदश लौट रहे हैं. विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा जनवरी महीने में अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली है और विराट कोहली इसीलिए भारत आए हैं. बीसीसीआई (BCCI) की तरफ से भी विराट कोहली के इस फैसले का सम्मान किया गया है.

हालांकि, कई लोग ऐसे भी हैं जो विराट कोहली के इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं और उनका मानना है कि जब आप देश के लिए खेलते हैं तो आपको नेशनल ड्यूटी को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए. इसी सिलसिले में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और महान खिलाड़ियों में शुमार सुनील गावस्कर ने अपने एक लेख में पैटरननिटी लीव के बारे में अपनी राय रखी है और इस दौरान उन्होंने टीम मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं.


सुनील गावस्कर ने स्पोर्टस्टार के लिए अपने कॉलम में लिखा,"एक और खिलाड़ी, जिसको नियम के बारे में आश्चर्य हुआ होगा, लेकिन जरूर उन्होंने इस बारे में कोई शोर नहीं मचाया, क्योंकि वो अभी नए हैं. वह हैं टी नटराजन. वह पहली बार पिता बने थे, जब आईपीएल का प्लेऑफ खेला जा रहा था. उनसे कहा गया था कि आप ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज के लिए यही रहिए, लेकिन टीम के सदस्य के तौर पर नहीं, बल्कि एक नेट गेंदबाज के तौर पर."

सुनील गावस्कर ने आगे लिखा,"जरा सोचिए, एक मैच विनर, भले ही दूसरे फॉर्मेट में हो, उनसे नेट गेंदबाज बनने के लिए कहा जाता है. इसका मतलब कि वह जनवरी के तीसरे हफ्ते में टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद ही अपने घर लौट पाएंगे और अपनी बेटी को पहली बार देख सकेंगे और एक तरफ कप्तान अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए पहले टेस्ट के बाद ही वापस जा रहे हैं."

अपने इस लेख में सुनील गावस्कर ने अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का भी उदाहरण दिया, जिन्होंने अपनी गेंदबाजी के लिए नहीं बल्कि मुखर तौर पर अपनी बात रखने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा है.

सुनील गावस्कर ने आगे लिखा,"बहुत लंबे समय तक अश्विन ने अपनी गेंदबाजी के कारण परेशानी का सामना नहीं किया है, जिस पर केवल उक्खड़ लोगों को ही संदेह होगा. लेकिन अपनी मुखरता के लिए वो परेशानी में पड़े हैं. वो ईमानदारी से अपनी बात रखते हैं उन मीटिंग में बी रखते हैं जहां दूसरे भले ही अपने आगे वाले सहमत ना हो, लेकिन चुप रहना ही सही समझते हैं. अगर अश्विन एक गेम में विकेटों के ढेर नहीं लगाते हैं, तो उन्हें अगले एक के लिए हमेशा के लिए दरकिनार कर दिया जाता है. हालांकि, टीम में अपनी जगह पक्की कर चुके बल्लेबाजों के साथ ऐसा नहीं होता है."

सुनील गावस्कर ने अपने कॉलम के आखिरी में लिखा,"यही इंडियन क्रिकेट है. अलग अलग लोगों के लिए अलग अलग नियम. अगर आप मुझ पर विश्वास नहीं करते तो अश्विन और नटराजन से पूछिए."

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First published: 24 December 2020, 11:24 IST
 
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