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आज पृथ्वी से टकरा सकता है खतरनाक सौर तूफान, GPS समेत इन चीजों पर पड़ेगा प्रभाव

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 October 2021, 10:57 IST

पृथ्वी से करोड़ों किलोमीटर दूर स्थिर सूरज से भले ही हमें रोशनी और ऊर्जा प्राप्त होती हो लेकिन कई बार सूरज से निकलने वाले तूफान हमारे लिए विनाशकारी हो जाते हैं. ऐसा ही एक सौर तूफान आज पृथ्वी से टकरा सकता है. दरअसल, अमेरिका की अंतरिक्ष से जुड़े मौसम की जानकारी देने वाली एक एजेंसी ने इस सौर तूफान को लेकर चेतावनी जारी की है. बताया जा रहा है ये तूफान सूर्य के एक हिस्से में विस्फोट के बाद आया है. इसके साथ ही नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी नासा (NASA) के सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी ने भी सूर्य से तेज चमक निकलने की जानकारी दी है जिससे शनिवार यानी आज पृथ्वी से एक जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म (Geomagnetic Storm) या भू-चुंबकीय तूफान टकरा सकता है.

हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि इस तूफान से इंसानों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन जीपीएस और संचार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. इस तूफान का खास असर अमेरिका में ही देखने को मिल सकता है. बताया गया कि गुरुवार को सूर्य के पांच क्लस्टर्स में से एक बिंदु से लाखों टन आयोनाइज्ड गैस निकली. वहीं अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने जानकारी दी है कि गुरुवार को सूर्य से X1 क्लास फ्लेयर यानी चमक निकली. नासा का कहना है कि X क्लास सबसे तीव्र चमक को दिखाती हैं. लेकिन X2, X3 इससे भी ज्यादा तीव्र होती हैं. सूर्य में हुई इस गतिविधि के चलते रेडियो व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है.


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूर्य में जिस जगह से ये चमक निकली है, उसका नाम AR2887 है. फिलहाल, यह सूर्य के केंद्र में है और इसकी दिशा पृथ्वी की तरफ है. बताया जा रहा है कि सोलर फ्लेयर से निकलने वाली खतरनाक रेडिएशन पृथ्वी के वातावरण से नहीं गुजर सकती, जिससे इंसानों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा. लेकिन ये रेडिएशन वायुमंडल के उस हिस्से में उथल-पुथल मचा सकती हैं, जहां जीपीएस और संचार के सिग्नल काम करते हैं.  इस तेज चमक का लक्ष्य सीधा पृथ्वी होती है, तो इनके साथ सौर्य कणों का एक विस्फोट भी हो सकता है. इसे कोरोनल मास इजेक्शन कहा जाता है. इस सौर्य तूफान को ऐसी घटनाओं के पैमाने पर G3 माना गया है.

बता दें कि कोरोनाग्राफ का अध्ययन करने पर पता चला है कि सीएमई सूर्य से 1,260 किलोमीटर प्रति सेकंड से अधिक तेज गति से आ रहा है. इसके कण पृथ्वी की ओर बढ़ रहे हैं. अंतरिक्ष से धरती की तरफ आने वाले तूफान से बिजली की ग्रिड ठप हो सकती हैं, जिससे बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है. बता दें कि पृथ्वी पर सबसे खतरनाक सौर तूफान साल 1859 में आया था.  ये जिओमैग्‍नेटिक तूफान बेहद शक्तिशाली था. इससे अमेरिका और यूरोप का टेलिग्राफ नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ था. उसके बाद से लेकर आज तक कोई इतना खतरनाक सौर तूफान पृथ्वी पर नहीं आया.

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First published: 30 October 2021, 10:57 IST
 
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