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कोरोना वैक्सीन की डबल डोज के बाद भी कम नहीं हुआ खतरा, डेल्टा वैरिएंट कर सकता है बीमार

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 November 2021, 8:59 IST

कोरोना वैक्सीनेशन के बाद भी कोविड-19 वायरस का खतरा अभी भी बना हुआ है. बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस  का डेल्टा वैरिएंट इतना खतरनाक है कि ये कोरोना का टीकाकरण करा चुके लोगों को भी संक्रमित कर सकता है. इस बात की जानकारी एक नए अध्ययन में मिली है. इस अध्ययन में कहा गया है कि डेल्टा वैरिएंट से बचाव के लिए वैक्सीन के साथ बचाव और नियंत्रण के उपायों की जरूरत है. बता दें कि नया अध्ययन राजधानी दिल्ली के दो अस्पतालों में किया गया है. इस अध्ययन में पाया गया कि वैक्सीन संक्रमण की स्थिति में वायरल अटैक को गंभीर होने से बचाती है. हालांकि ये किसी को कोरोना से पूरी तरह से नहीं बचा सकती.

इस अध्ययन में बताया गया कि टीकाकरण के बाद भी ब्रेक थ्रू मामले देखे गए हैं. लेकिन इस बात की भी आशंका है कि संक्रमण आगे बेहद हाई रिस्क वाले लोगों को भी शिकार बना सकता है. इस अध्ययन को INSACOG कंसोर्टियम, CSIR और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने किया है. इस अध्ययन में शामिक शोधकर्ताओं ने स्वास्थ्य कर्मियों में सामने आए संक्रमण के 113 ब्रेक थ्रू मामलों पर शोध किया. इसके लिए शोधकर्ताओं ने संभावित ट्रांसमिशन नेटवर्क बनाया और वायरस जीनोम सीक्वेंस डाटा को विश्लेषित किया.


बता दें कि इससे पहले प्रकाशित शोधों में शोधकर्ताओं ने कहा कि ‘हमने ज्यादा खतरे वाले उन मामलों की पहचान की है, जिसमें संक्रमित व्यक्ति का पूर्ण टीकाकरण हुआ हो. साथ ही उन मामलों की भी पहचान की गई जिसमें दो व्यक्तियों के बीच वायरस संक्रमण का खतरा था, साथ ही उन्होंने वैक्सीन की दो डोज ले रखी हो.’ इस अध्ययन का सामने आने के बाद एक बार फिर से पूर्ण टीकाकरण करा चुके लोगों में संक्रमण को रोकने के लिए बचाव के उपायों की जरूरत को दर्शाया है. इस अध्ययन के नतीजे इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि लोगों के बीच एक तरीके से लापरवाही और निश्चिंतता का माहौल पैदा हो गया है.

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खासतौर पर उनमें जिन्होंने टीकाकरण करा लिया है. इस अध्ययन में कहा गया है कि वैक्सीन अब भी काफी प्रभावी है और लोगों में संक्रमण के मामलों को गंभीर होने से बचाती है. हालांकि शोधकर्ताओं ने स्पष्ट कर दिया कि संक्रमण के ब्रेक थ्रू मामले सच्चाई हैं. विशेषज्ञों ने संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए बचाव और नियंत्रण के उपायों की जरूरत बताई है और लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी है. इस अध्ययन के सामने आने के बाद ये बात सिद्ध हो चुकी है कि अगर किसी ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले ली हैं तब भी उन्हें कोविड-19 गाइडलाइन्स का पूरी तरह से पालन करना चाहिए. क्योंकि खतरा अभी टला नहीं है और लापरवाही आपकी जान के लिए भारी पड़ सकती है.

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First published: 24 November 2021, 8:59 IST
 
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