Home » इंडिया » Delhi Air Pollution: Schools-colleges closed in Delhi-NCR till further orders, ban on the arrival of trucks in the capital
 

प्रदूषण का कहर: दिल्ली-NCR में अगले आदेश तक बंद किए गए स्कूल-कॉलेज, राजधानी में ट्रकों के आने पर लगाई रोक

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 November 2021, 8:27 IST

दिल्ली-एनसीआर में इनदिनों प्रदूषण से बुरा हाल है. प्रदूषण से निपटने के लिए अब सरकार ने कई तरह की पाबंदियां लगाना शुरु कर दी है. स्कूल और कॉलेजों पर भी इसका असर पड़ रहा है. इस बार प्रदूषण के चलते स्कूल-कॉलेजों को फिर से बंद कर दिया गया है. इससे पहले कोरोना की दूसरी लहर के चलते स्कूल-कॉलेजों को बंद करना पड़ा था. अब एक बार फिर केंद्र सरकार के एक पैनल ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर के सभी स्कूल बंद रहेंगे. मंगलवार देर रात जारी आदेश में कहा गया कि बुधवार से क्लास ऑनलाइन चलेगी. बता दें कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण की स्थिति कों नियंत्रित करने के निर्देश जारी किए.

सीएक्यूएम ने कहा कि कम से कम 50 फीसदी अधिकारियों को 21 नवंबर तक वर्क फ्रॉम होम की अनुमति मिलनी चाहिए. इसके साथ ही निजी दफ्तरों में भी इस तरह के इंतजाम किए जाएं. आयोग ने कहा है कि 21 नंवबर तक दिल्ली में सभी ट्रकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. यह पाबंदी गैर जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति कर रहे ट्रकों पर ही लागू होगी. इसके साथ मेट्रो, रक्षा, एयरपोर्ट, को छोड़कर हर तरह के निर्माण कार्य पर 21 नवंबर तक रोक होगी.


बता दें कि 16 नवंबर मंगलवार को राजधानी दिल्ली में वायु की गुणवत्ता एक बार फिर से ’गंभीर’ श्रेणी में चली गई है और 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 403 दर्ज किया गया. यह मंगलवार सुबह तक ‘बहुत खराब’ श्रेणी में था और 396 दर्ज किया गया था. उसके बाद शाम चार बजे गाज़ियाबाद में एक्यूआई 356, ग्रेटर नोएडा में 361, गुरुग्राम में 369 और नोएडा में 397 दर्ज किया गया. यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है. वहीं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता निगरानी ‘सफर’ के मुताबिक, एक्यूआई बुधवार को भी ‘गंभीर’ श्रेणी में ही रहेगा.

उन्होंने कहा कि हवा की गति बहुत कम रहने की संभावना है जिससे एक्यूआई कल ‘गंभीर’ श्रेणी में रह सकता है. इसके बाद 18 नवंबर तक ‘गंभीर’ या ‘बहुत खराब’ श्रेणी के बीच रहेगा. इसके साथ ही अगले दो दिनों तक दिल्ली में पराली जलाने से जुड़े प्रदूषकों की आने की संभावना नहीं है, क्योंकि हवा की दिशा विपरीत है. पराली जलाने की संख्या कम होकर 1820 रह गई है जबकि दिल्ली के पीएम 2.5 में इसकी हिस्सेदारी मंगलवार को आठ फीसदी थी.

CBSE छात्र इस बार नए पैटर्न में देंगे एग्जाम, यहां देखें 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का पूरा कार्यक्रम

बता दें कि राजधानी में हवा की गुणवत्ता में रविवार को थोड़ा सा सुधार देखा गया था और एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया था. बता दें कि एक्यूआई को शून्य और 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 और 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है.

प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, लॉकडाउन लगाने को हम तैयार

First published: 17 November 2021, 8:27 IST
 
अगली कहानी