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लेबर कोड के नियमों में हो सकता है बदलाव, हफ्ते में चार दिन काम करने की मिल सकती है मंजूरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 September 2021, 11:58 IST

अगर आप नौकरी करते हैं तो आपके लिए जल्द ही बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. दरअसल, मोदी सरकार जल्द ही लेबर कोड के नियमों में बदलाव कर सकती है. ये बदलाव अगले महीने यानी 1 अक्टूबर से लागू हो सकते हैं. नए लेबर कोड के नियमों में कर्मचारियों को हफ्ते में तीन दिन की छुट्टी का विकल्प मिलने की उम्मीद है. इस हिसाब से कर्मचारियों को हफ्ते में पांच या छह दिन काम करने की जगह चार दिन काम करने की सुविधा मिल सकती है. हालांकि इससे कर्मचारियों को एक दिन में पहले से ज्यादा घंटों तक काम करने पड़ेगा. वर्तमान में कर्मचारियों को एक दिन में 8-9 घंटे काम करना पड़ता है लेकिन लेबर कोड के नए नियम लागू होते हैं तो कर्मचारियों को एक दिन में 12 घंटे काम करना पड़ सकता है.

12 घंटे हो सकती शिफ्ट टाइमिंग
बता दें कि नए ड्राफ्ट कानून में कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव पेश किया है. हालांकि, लेबर यूनियन 12 घंटे नौकरी करने का विरोध कर रही हैं. कोड के ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है. हालांकि, मौजूदा नियम में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम योग्य नहीं माना जाता है. ड्राफ्ट नियमों में किसी भी कर्मचारी से 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम कराने की मनाही है. कर्मचारियों को हर पांच घंटे के बाद आधा घंटे का रेस्ट देना होगा.


हफ्ते में 3 दिन मिलेगी छुट्टी, चार दिन करना होगा काम

इसके अलावा नए लेबर कोड के नियमों में ये विकल्प भी रखा जाएगा. जिस पर कंपनी और कर्मचारी आपसी सहमति से फैसला ले सकते हैं. नए नियमों के तहत काम करने के घंटों की हफ्ते में अधिकतम सीमा 48 घंटे रखी गई है, ऐसे में काम के दिन घटकर 5 से 4 हो सकते हैं. वहीं हफ्ते में तीन दिन की छुट्टी मिलेगी.


सैलरी से जुड़े नियमों में भी 1 अक्टूबर से होगा बदलाव

गौरतलब है कि सरकार नए लेबर कोड में नियमों को 1 अप्रैल, 2021 से लागू करना चाहती थी लेकिन राज्यों की तैयारी न होने और कंपनियों को एचआर पॉलिसी बदलने के लिए ज्यादा समय देने के की वजह से इन्हें टाल दिया गया. लेबर मिनिस्ट्री के मुताबिक सरकार लेबर कोड के नियमों को 1 जुलाई से नोटिफाई करना चाहते थे लेकिन राज्यों ने इन नियमों को लागू करने के लिए और समय मांगा जिसके कारण इन्हें 1 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया. अब लेबर मिनिस्ट्री और मोदी सरकार लेबर कोड के नियमों को 1 अक्टूबर तक नोटिफाई करना चाहती है. बता दें कि संसद ने अगस्त 2019 को तीन लेबर कोड इंडस्ट्रियल रिलेशन, काम की सुरक्षा, हेल्थ और वर्किंग कंडीशन और सोशल सिक्योरिटी से जुड़े नियमों में बदलाव किया था. ये नियम सितंबर 2020 को पास हो गए थे.

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घटेगा वेतन PF में होगी बढ़ोतरी

नए ड्राफ्ट रूल के अनुसार, मूल वेतन कुल वेतन का 50 फीसदी या अधिक होना चाहिए. इससे ज्यादातर कर्मचारियों की वेतन का स्ट्रक्चर में बदलाव हो जाएगा. वहीं बेसिक सैलरी बढ़ने से PF और ग्रेच्युटी के लिए कटने वाला पैसा बढ़ जाएगा. क्योंकि इसमें जानें वाला पैसा बेसिक सैलरी के अनुपात में होता है. अगर ऐसा होता है जो आपके घर आने वाली सैलरी घट जाएगी रिटायरमेंट पर मिलने वाला PF और ग्रेच्युटी का पैसा बढ़ जाएगा.

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First published: 16 September 2021, 11:58 IST
 
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