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उत्तराखंड में बारिश ने ढाया कहर, अब तक 40 लोगों की मौत, NDRF की 15 टीमें तैनात, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 October 2021, 7:57 IST

उत्तराखंड में भारी बारिश और बादल फटने से आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में इस प्राकृतिक आपदा से अब तक 40 लोगों की जान जा चुका है. राज्य और केंद्र सरकारों ने आपदा से पीड़ित लोगों की मदद का ऐलान किया है. सबसे ज्यादा तबाही नैनीताल में हुई है. जहां बादल फटने से आई बाढ़ में कई सड़कें बह गई हैं. जिसके चलते नैनीताल का संपर्क राज्य के दूसरे हिस्से से टूट गया है. उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक नैनीताल में 25 लोगों और पूरे राज्य में अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है. सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मरने वालों को परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. वहीं इस आपदा में अपना घर गंवाने चुके लोगों को 1.9 लाख रुपये दिए जाएंगे. वहीं जिन लोगों ने अपना पशुधन खो दिया है, उन्हें भी हर संभव मदद दी जाएगी.

उत्तराखंड आपदा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा शोक जताया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, 'उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा के कारण लोगों की जान जाने से मैं व्यथित हूं. घायल शीघ्र स्वस्थ हों. प्रभावित लोगों की मदद के लिए बचाव कार्य जारी है. मैं सभी की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं.'


राहत बचाव कार्य जारी

उत्तराखंड में आई बाढ़ में सैकड़ों सैलानी और स्थानीय लोग फंस गए हैं. उन्हें निकालने का काम जारी है. राहत बचाव के लिए एनडीआरएफ की 15 टीमों को तैनात किया गया है. एनडीआरएफ की टीम ने ऊधमसिंह नगर में अब तक 300 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया है. राहत बचाव के लिए सरकार ने एनडीआर भी 6 टीमों को ऊधमसिंह नगर, 2 टीम उत्तरकाशी, 2 टीम चमोली, 2 टीम देहरादून, 1 टीम हरिद्वार, 1 टीम पिथौरागढ़, 1 टीम नैनीताल, एक टीम फूल और एक टीम को अल्मोडा मैं तैनात किया गया है.

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बता दें कि नैनीताल जिले के रामगढ़ इलाके में बादल फटने से कई मजदूरों के बहने की आशंका है. भारी बारिश और बादल फटने के बाद नैनी झील उफना पर है. यहां सड़कों, दुकानें और आसपास के कई इलाक पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारी बारिश के कारण बनी स्थिति के दृष्टिगत जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, मैं व्यक्तिगत रूप से जगह-जगह जाकर नुकसान एवं राहत और बचाव कार्यों का जायजा ले रहा हूं.

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First published: 20 October 2021, 7:57 IST
 
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