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बीजेपी के 5 राज्यों में चुनाव प्रभारियों के ऐलान के बीच उत्तराखंड की राज्याप का इस्तीफा

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 September 2021, 13:59 IST

अगले साल पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव प्रभारियों का ऐलान कर दिया है. इसी बीच उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या के इस्तीफे की खबर आ गई. ऐसा माना जा रहा है कि बेबी रानी मौर्या ने इसलिए इस्तीफा दिया है क्योंकि बीजेपी उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बना सकती है. उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेज दिया है. बता दें कि बेबी रानी मौर्य आगरा की मेयर रह चुकी हैं. उत्तराखंड की राज्यपाल के तौर पर वो तीन साल पूरे कर चुकी हैं.

उधर, बीजेपी ने यूपी और उत्तराखंड के लिए अपने चुनाव प्रभारियों का ऐलान कर दिया है. बीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को यूपी का चुनाव प्रभारी बनाया गया है. जबकि अनुराग ठाकुर, सरोज पांडेय और अर्जुन राम मेघवाल यूपी में बीजेपी के सह चुनाव प्रभारी होंगे. इसके अलावा उत्तराखंड में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को चुनाव प्रभारी बनाया गया है. वहां सह प्रभारी के रूप में लोकसभा सांसद लॉकेट चटर्जी, व राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आरपी सिंह काम करेंगे. वहीं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव मणिपुर में बीजेपी के चुनाव प्रभारी होंगे और जलशक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत को पंजाब के प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है. जबकि महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस को गोवा में बीजेपी का प्रभारी बनाया गया है.


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए लगभग अब सिर्फ छह महीने ही बचे हैं और बीजेपी एक बार फिर से राज्य में अपनी सरकार बनाने की पूरी कोशिश में है. यूपी में सबसे बड़ी आबादी ओबीसी समुदाय की है, जो सूबे की सियासत में अहम भूमिका निभाती है. बीजेपी को ओबीसी वोट बैंक से ही उम्मीद है कि वह ही उनकी नैया को यहां पार लगा सकती है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव से ही बीजेपी के पाले में आ खड़े हुए यूपी में सर्वाधिक आबादी वाले पिछड़ा और अन्य पिछड़ा वर्ग को साधे रखने के लिए जेपी नड्डा ने ओबीसी समुदाय से आने वाले धर्मेंद्र प्रधान को यूपी चुनाव प्रभारी बनाया है.

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इससे पहले धर्मेंद्र प्रधान ने छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में प्रभारी रहते हुए ओबीसी के बड़े तबके को पार्टी से जोड़ने का काम किया है. बीजेपी का यह कार्ड यूपी में पिछड़ों को अपने पाले में खींचने का प्रयास कर रही समाजवादी पार्टी के दांव को बेअसर कर सकता है. करीब 15 साल के बाद 2017 में यूपी की सत्ता में बीजेपी वापसी में ओबीसी की अहम भूमिका रही है और अब 2022 में ओबीसी को पार्टी के साथ बांधे रखने की जिम्मेदारी धर्मेंद्र प्रधान को दी गई है. धर्मेंद्र प्रधान 2017 में उत्तराखंड में जेपी नड्डा के साथ चुनाव की कमान संभाल चुके हैं.

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First published: 8 September 2021, 13:59 IST
 
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