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COP26 Summit: पीएम मोदी ने किया बड़ा ऐलान, 2070 तक कार्बन उत्सर्जन घटाकर करेंगे जीरो

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 November 2021, 9:56 IST

Glasgow Climate Summit: ब्रिटेन के ग्लासगो में चल रहे क्लाइमेट समिट COP26  में पीएम मोदी ने एक ऐसा ऐलान किया जिसे सुनकर सब हैरान रह गए. जलवायु परिवर्तन COP26 वैश्विक मंथन के मंच से पीएम मोदी ने दुनिया के सामने मजबूती से भारत के संकल्पों की बात की. इसके साथ ही अब तक इस मुद्दे पर हुई वादाखिलाफियों को भी पीएम मोदी ने उजागर किया. इस दौरान पीएम मोदी ने तत्काल एक ट्रिलियन डॉलर के क्लाइमेट फाइनेंस कोष को बनाने पर जोर दिया. साथ ही बेहतर भविष्य के लिए लाइफ यानी लाइफस्टाइल फॉर एंवर्नमेंट का भी मंत्र दिया. यही नहीं पीएम ने पहली बार भारत को 2070 तक नेट कार्बन-जीरो अर्थव्यवस्था बनाने का भी बड़ा ऐलान किया है.

पीएम मोदी के इस फैसले को देखें तो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक देश यानि भारत 2070 तक गैस उत्सर्जन को घटाकर जीरो कर देगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ऐलान ने बीते हफ्ते रोम में संपन्न हुए जी-20 समिट के निराशाजनक नतीजों के बीच जलवायु परिवर्तन को रोकने की दुनिया की कोशिशों को नया रास्ता मिला है. हालांकि भारत ने जो लक्ष्य तय किया है, वह अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों से दो दशक पीछे है, लेकिन विनाशकारी ग्लोबल वॉर्मिंग से बचने के लिए वैज्ञानिकों के अनुसार ये बहुत जरूरी कदम है.


बता दें कि ब्लूमबर्ग से लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में ग्रंथम रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑन क्लाइमेंट चेंज और एन्वॉयरमेंट के चेयरमैन निकोलस स्टर्न ने कहा, ‘COP26 समिट के लिए ये बहुत महत्वपूर्ण है. भारत के लिए दुनिया को दिखाने का मौका है कि वह आर्थिक विकास के साथ जलवायु परिवर्तन से जुड़े अपने वादों को भी पूरा कर सकता है.’

बता दें कि अमेरिका और चीन के साथ भारत भी दुनिया के शीर्ष उत्सर्जक देशों में शामिल हैं COP26 सम्मेलन में पूरी दुनिया की निगाह भारत पर ही टिकी थी. दूसरी ओर घरेलू राजनीति में उलझन के शिकार अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन COP26 सम्मेलन में कुछ ठोस पेश नहीं कर पाए. वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कॉन्फ्रेंस में व्यक्तिगत तौर पर हिस्सा नहीं लिया और ना ही उत्सर्जन में कटौती के लिए कोई नया प्लान बताया.

सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की केवल 17 फीसदी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है. लेकिन वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में उसकी हिस्सेदारी केवल 5 फीसदी है. फिर भी भारत ने 2015 के पेरिस समझौते में किए वादों का ईमानदारी से पालन किया है. पेरिस में जताए भारत के संकल्पों में बढ़ोतरी करते हुए पीएम ने ऐलान किया कि भारत 2030 तक अब 500 गीगावाट बिजली उत्पादन गैरपारंपरिक ऊर्जा संसाधनों से करेगा. इसके अलावा अपने ऊर्जा मिक्स में 50 फीसदी तक अक्षय ऊर्जा संसाधनों को बनाएगा.  बता दें कि भारत ने 2015 में 2030 तक पहले 175 गीगावाट और फिर 450 गीगावाट बिजली उत्पादन गैर पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों से करने का लक्ष्य रखा था. साथ ही एनर्जी मिक्स में गैर फॉसिल फ्यूल की हिस्सेदारी 40 फीसद तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया था. 

First published: 2 November 2021, 9:56 IST
 
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