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भारत के साथ डिप्लोमेसी शुरु करना चाहता है तालिबान, विमान सेवा शुरु करने के लिए लिखी DGCA को चिट्ठी

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 September 2021, 15:29 IST

अफगानिस्तान में हुकूमत बनाने के बाद तालिबान अपने पड़ोसी देशों को दिखाने के लिए मथुर संबंध स्थापित करने की कोशिश कर रहा है. वहीं दूसरी ओर वह अफगानी नागरिकों पर अब भी जुर्म कर रहा है. इसी बीच तालिबान के भारत के करीब आने और डिप्लोमेसी संबंध को को बनाने की वकालत की है. साथ ही डीजीसीए को पत्र लिखकर फिर से भारत और अफगानिस्तान के बीच विमान सेवा शुरु करने को कहा है. दरअसल, तालिबान और पाकिस्तान सरकार के रिश्तों में कुछ कड़वाहट शुरु हो गई है. क्योंकि तालिबान के एक वरिष्ठ नेता ने पाकिस्तान को धोखेबाज मुल्क बताया है. दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान संस्थापकों में शामिल रहा मुल्ला अब्दुल सलाम जईफ ने कहा है कि पाकिस्तान भरोसे लायक नहीं है, जब हमने सुपर पावर अमेरिका के आगे घुटने नहीं टेके तो पाकिस्तान के हाथों में खुद को कैसे सौंप देंगे.

उसने कहा है कि वो अपनी धरती का इस्तेमाल किसी देश के खिलाफ नहीं होने देगा. रिपोर्ट के मुताबिक, मुल्ला जईफ ने भारत की आशंकाओं पर कहा है कि भारत हमसे डिप्लोमेसी शुरू करें. ताकि वह सुनिश्चित कर सके कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कोई और देश उसके खिलाफ तो नहीं कर रहा. इसके साथ ही जईफ ने कहा, “कोई भी देश हमारे साथ ईमानदार नहीं रहा. वैसे भी पाकिस्तान का असली चेहरा सब जानते हैं, वह धोखेबाज है, उस पर भरोसा नहीं कर सकते. वैसे भी हर अफगानी को स्पष्ट है कि हमें न्यूट्रल रहना है. हम अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी देश के खिलाफ नहीं होने देंगे. इसके अलावा हम अपने देश के अंदरूनी मामलों में पाकिस्तान या किसी देश की दखल को भी नहीं स्वीकार करेंगे.


उधर तालिबान सरकार ने नागर उड्डयन महानिदेशक (DGCA) को एक चिट्ठी लिखी है. इसमें उसने भारत और अफगानिस्तान के बीच विमान सेवा फिर से शुरू करने की मांग की गई है. अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात घोषित हो जाने के बाद यह उसकी ओर से पहली आधिकारिक बातचीत की पहल है. बताया गया है कि तालिबान की इस चिट्ठी पर नागर उड्डयन मंत्रालय की ओर से समीक्षा की जा रही है. बता दें कि भारत ने 15 अगस्त से ही अफगानिस्तान से वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं को बंद रखा है. वहां से भारतीय नागरिकों को लाने के लिए बचाव मिशन के तहत सिर्फ कुछ विशेष विमानों को ही काबुल एयरपोर्ट जाने की इजाजत मिली थी. हालांकि, काबुल में तालिबान का राज कायम हो जाने के बाद से भारत ने अब तक कोई आधिकारिक संपर्क स्थापित नहीं किया, जिसके चलते विमान सेवा शुरू करने पर भी बात नहीं हुई.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान की तरफ से यह चिट्ठी मौजूदा तालिबान सरकार के नागर उड्डयन मंत्री अल्हाज हमीदुल्ला अखुंजादा की तरफ से लिखी गई है. चिट्ठी 7 सितंबर को भेजी गई थी. अखुंजादा ने इसमें लिखा है, "जैसा कि आप जानते हैं हाल ही में काबुल एयरपोर्ट को भारी नुकसान पहुंचा था और अमेरिकी सेना के वापस जाने के बाद से यह बंद था. लेकिन कतर के हमारे भाइयों की तकनीकी मदद से एयरपोर्ट का संचालन एक बार फिर शुरू हो गया है और 6 सितंबर को इसे लेकर सभी एयरपोर्ट कर्मियों को नोटाम (नोटिस टू एयरमैन) जारी कर दिया गया."

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First published: 29 September 2021, 15:29 IST
 
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