Home » इंटरनेशनल » U.S. military plane left Kabul airport last night, Taliban fired guns outside the airport to celebrate
 

Video: अमेरिकी सेना के जाने के बाद तालिबानी लड़ाकों ने जमकर मनाया जश्न, पटाखों की तरह चलाए हथियार

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 August 2021, 13:59 IST
taliban (catch news)

Afghanistan: तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान में 20 साल का युद्ध लड़ने के बाद अमेरिकी सेना की आखिरी टुकड़ी भी वापस आ गई है. अमेरिकी और नाटों सेनाओं की आखिरी टुकड़ी के निकलने के बाद तालिबानी लड़ाके काबुल एयरपोर्ट के पास हवा में फायरिंग कर जश्न मनाते दिख रहे हैं. तालिबानी लड़ाके फायरिंग ऐसे कर रहे हैं, जैसे वे पटाखे फोड़ रहे हों.

बता दें कि अमेरिकी सेना तय समय सीमा से पहले ही C-17 विमान से अफगानिस्तान छोड़कर अपने वतन लौट गई. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस बाबत जानकारी दी कि अफगानिस्तान में 20 साल से जारी अमेरिका की सैन्य मौजूदगी अब खत्म हो गई है. उन्होंने अमेरिका के सभी सैनिकों के वापस देश लौटने के कुछ घंटे बाद यह घोषणा की. 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अब अफगानिस्तान में हमारी 20 साल की सैन्य मौजूदगी अब खत्म हो गई है. जो बाइडन ने सशस्त्र बलों को अफगानिस्तान से निकलने के लिए धन्यवाद दिया. अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बताया कि काबुल में अमेरिकी दूतावास खाली रहेगा. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के साथ अमेरिका का एक नया अध्याय शुरू हो गया है.

उन्होंने कहा कि अभी भी अफगानिस्तान में करीब 100 से अधिक अमेरिकी निकलना चाहते है. हम उनकी सही संख्या पता लगा रहे हैं. ब्लिंकन ने बताया कि अफगानिस्तान से 6,000 से अधिक अमेरिकी लोगों को निकाला जा चुका है. 

काबुल में अमेरिकी जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने पेंटागन को एक ब्रीफिंग में जानकारी दी कि अफगानिस्तान में मुख्य अमेरिकी राजनयिक रॉस विल्सन आखिरी उड़ान पर थे. उन्होंने बताया कि तालिबान के कब्जे के बाद वाशिंगटन तथा उसके नाटो सहयोगियों को जल्दबाजी में अफगानिस्तान से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा. उन्होंने कहा कि अपने पीछे वे हज़ारों अफगानों को छोड़ गए हैं. इसके आगे उन्होंने बताया कि कई अमेरिकी अंतिम उड़ान में भी सवार नहीं हो पाए, क्योंकि वह तय समय से हवाई अड्डे तक नहीं पहुंच सके थे. अमेरिका ने अफगानिस्तान में अपनी राजनयिक उपस्थिति को अब निलंबित कर दिया है. वह अब कतर से राजनयिक काम करेगा.

6 साल तक अमेरिका में कैद था खूंखार आतंकी मुल्ला अब्दुल कय्यूम जाकिर, अब तालिबान ने बनाया रक्षा मंत्री

Afghanistan Crisis: काबुल ब्लास्ट में 80 लोगों की मौत, ISIS के खुरासान ग्रुप ने ली हमले की जिम्मेदारी

First published: 31 August 2021, 13:59 IST
 
अगली कहानी