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इजरायली स्पाई Pegasus एक बार में कर सकता है 50 स्मार्टफोन्स की जासूसी, जानिए क्या है कीमत

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 July 2021, 12:58 IST

कई इंटरनेशनल मीडिया संस्थानों की पड़ताल में अब ये सामने आया है कि इजराइल के NSO ग्रुप द्वारा बेचे जाने वाले स्पाईवेयर पेगासस (Spywere Pegasus) का इस्तेमाल भारत में लगभग 300 भारतीयों की जासूसी करने के लिए इस्तेमाल किया गया है. इन लोगों में केंद्र के दो मंत्री में शामिल हैं. इसके अलावा 3 विपक्ष के नेता, अधिकारी, वैज्ञानिक और 40 पत्रकार भी शामिल हैं. न्यूज़ वेबसाइट वायर के अनुसार भारतीय मंत्रियों, विपक्षी नेताओं, पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों के फोन नंबर लीक हुए डेटाबेस में शामिल हैं. इसका मतलब यह है कि इन लोगों के फोन की पेगासस से जासूसी की गई.

पेगासस इजरायल (Israeli spy Pegasus) के एनएसओ ग्रुप और क्यू साइबर टेक्नोलॉजीज द्वारा बेची जाने वाली स्पाइवेयर है, जानकारों का मानना है कि यह व्हाट्सएप जैसे एन्क्रिप्टेड संचार प्रणालियों में प्रवेश कर सकता है. पेगासस एक बार में लगभग 50 स्मार्टफोन की जासूसी कर सकता है. यह स्पाइवेयर एक साल में 500 फोन तक की निगरानी करने में सक्षम है लेकिन केवल एक बार में अधिकतम 50 को ट्रैक कर सकता है. इकनोमिक टाइम्स के अनुसार इसकी जानकारी रखने वाले एक एक्सपर्ट ने कहा कि पेगासस के लाइसेंस की कीमत प्रति वर्ष लगभग 70 से 80 लाख डॉलर है.


व्हाट्सएप ने 29 अक्टूबर को कैलिफोर्निया की एक अदालत में एक मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि एनएसओ ग्रुप की इस तकनीक का इस्तेमाल गैरकानूनी तरीके से उनके यूजर्स पर किया गया. एनएसओ ग्रुप ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि वह इस तकनीक को सिर्फ सरकारों को की बेचती है. कहा गया है कि "सरकारी एजेंसियों को आतंकवाद और अपराध का पता लगाने और रोकने में मदद करने के लिए तकनीक विकसित करता है.''

व्हाट्सएप ने कहा था कि भारत में पेगासस के जरिये कई पत्रकारों, वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन की जासूसी की गई. 2016 में फोर्ब्स को ईमेल में एनएसओ समूह ने कहा कंपनी विशेष रूप से उत्पादों का उपयोग केवल अपराधों की रोकथाम और जांच के लिए किया जा सकता है. व्हाट्सएप के मुकदमे के अनुसार NSO ग्रुप को 2010 में इजरायल में शामिल किया गया था. इसकी स्थापना दो इज़राइलियों द्वारा की गई थी, जिनका नाम शैले हुलियो और ओमरी लवी है.

Lavie ने सरकारी अधिकारियों के लिए सुपर-सिक्योर फोन बनाने वाली कंपनी Kaymera की भी सह-स्थापना की. पेगासस एक मैलवेयर है जो एक फोन पर स्थापित होने पर, सभी संचार (iMessage, WhatsApp, Gmail, Viber, Facebook, Skype) और स्थानों में प्रवेश कर सकता है. इसे कुछ अलग माध्यमों से फोन पर इंस्टॉल किया जा सकता है.

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First published: 19 July 2021, 12:55 IST
 
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