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BJP ने कर्नाटक का नया CM भी लिंगायत समुदाय से चुना, जानिए कौन हैं बसवराज एस बोम्मई

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 July 2021, 22:03 IST

 

भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल ने बसवराज एस बोम्मई (Basavaraj S Bommai) को कर्नाटक का नया मुख्यमंत्री चुना है. बसवराज बोम्मई बीएस येदियुरप्पा सरकार में गृह मंत्री थे और मुख्यमंत्री पद के शीर्ष दावेदारों में शामिल थे. कर्नाटक का मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद बसवराज बोम्मई ने कहा ''मैं कर्नाटक के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये गरीबों की सरकार होगी और समाज के सभी वर्गों के साथ न्याय करेगी. मैं येदियुरप्पा जी के सभी सपनों को पूरा करना चाहता हूं. हम कोविड और बाढ़ से निपटेंगे.''

भाजपा विधायक दल की बैठक के दौरान बोम्मई के नाम का प्रस्ताव बीएस येदियुरप्पा ने किया था और करजोल अशोक ईश्वरप्पा और सभी भाजपा विधायकों ने इसका समर्थन किया था. निवर्तमान मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की तरह नए मुख्यमंत्री भी राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लिंगायत समुदाय से हैं.


कर्नाटक में अब तक 22 मुख्यमंत्रियों में से केवल तीन ही अपना कार्यकाल पूरा कर पाए हैं. निवर्तमान मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने चार अलग-अलग कार्यकालों में 1,901 दिनों के लिए पद संभाला. नौ मौकों पर मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल का एक साल भी पूरा नहीं कर पाए. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जो भाजपा द्वारा कर्नाटक भेजे गए केंद्रीय पर्यवेक्षकों में से एक थे, ने ट्विटर पर बसवराज बोम्मई को बधाई दी और कहा कि उन्हें भाजपा विधायकों द्वारा सर्वसम्मति से चुना गया है.

 कौन हैं कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई

बसवराज बोम्मई लिंगायत समुदाय से हैं. वह बीएस येदियुरप्पा के करीबी हैं और 'जनता परिवार' से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता एसआर बोम्मई ने भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया. बसवराज बोम्मई 2008 में भाजपा में शामिल हुए थे, इससे पहले वह जनता दल सेक्युलर में विधायक चुके हैं. बसवराज बोम्मई हावेरी जिले के शिगगांव से दो बार के एमएलसी और तीन बार के विधायक हैं.

निवर्तमान मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा वीरशैव-लिंगायत समुदाय से हैं. यह एक ऐसा समुदाय है जिसे कर्नाटक में भाजपा का मुख्य समर्थन आधार माना जाता है और इसने राज्य की राजनीति को ऐतिहासिक रूप से प्रभावित किया है. 1956 से कर्नाटक ने जिन 20 मुख्यमंत्रियों को देखा है उनमें से आठ लिंगायत समुदाय से हैं.

यह अनुमान है कि इस राजनीतिक रूप से प्रभावशाली समुदाय की कर्नाटक के 224 विधानसभा क्षेत्रों में से लगभग 140 में महत्वपूर्ण उपस्थिति है, और लगभग 90 सीटों पर निर्णायक उपस्थिति है. आज यह समुदाय राज्य की आबादी का लगभग 17 प्रतिशत है.

First published: 27 July 2021, 21:59 IST
 
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