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Zika Virus: शराब की खुशबू से आकर्षित होते हैं जीका वायरस फैलाने वाले मच्छर, ऐसे कर सकते हैं बचाव

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 November 2021, 11:58 IST

उत्तर प्रदेश के कानपुर में डेंगू के साथ जीका वायरस का भी प्रकोप बढ़ता जा रहा है. जीका वायरस के संक्रमण के फैलाव से आशंकित कानपुर स्वास्थ्य विभाग मच्छरों से बचने के तरीके खोज रहा है. इसके लिए कीट विशेषज्ञों की टीमें मच्छरों के मिजाज के बारे में पता कर रही हैं. इससे मच्छरों से बचाव की रणनीति बनाई पर काम किया जा सके. बता दें कि कई शोध में इस बात का पता चला है कि ड्रिंक करने के बाद शरीर से जैसे ही अल्कोहल (इथेनॉल) की महक आना शुरु होती है. मादा एडीज एजिप्टाई नाम का मच्छर खून पीने की लिए इंसान पर टूट पड़ता है. इसी तरह के बिंदुओं के अध्ययन पर लोगों को मच्छरों से बचने की सलाह दी जा रही है. बता दें कि एडीज एजिप्टाई मच्छर ही डेंगू, जीका, यलो फीवर और जापानी इंसेफ्लाइटिस जैसे रोगों को फैलाता है.

इनमें से मादा मच्छर ही खून चूसने के चक्कर में इंसान को ये जानलेवा बीमारी दे देती है. जीका संक्रमण गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशुओं के लिए अधिक खतरनाक माना जा रहा है. इससे अमेरिकी और विश्व की दूसरी एजेंसियों के शोध से इस संबंध में तथ्य जुटाए जा रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं के शरीर से कार्बन डाई आक्साइड अधिक निकलती है. इससे मच्छर काटने के लिए आकर्षित होते हैं. इसी वजह से मोटापा ग्रस्त व्यक्ति को भी मच्छर अधिक काटते हैं. कुछ शोधों के मुताबिक पसीने की गंध से भी मच्छर काटने के लिए आकर्षित होते हैं.


बता दें कि पसीने में लैक्टिक एसिड, यूरिक एसिड, अमोनिया जैसे तत्व पाए जाते हैं इनकी गंध मच्छरों तक पहुंच जाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को अधिक पसीना आता है, उन्हें मच्छर ज्यादा काटते हैं. हालांकि मच्छर सभी को काटते हैं लेकिन जिनका ब्लड ग्रुप ‘ए’ होता है उन्हें मच्छर कम काटते हैं और जिनका ब्लड ग्रुप ‘ओ’ होता है उन्हें सबसे ज्यादा मच्छर काटते हैं. 

इसलिए एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन लोगों को मच्छरों से अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है. अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा का कहना है कि जीका नई बीमारी है, इस संबंध में विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन और आईसीएमआर की गाइडलाइन पर ही काम हो रहा है.

क्यों इंसानों का खून पीते हैं मच्छर

बता दें कि खून पीने से मादा मच्छर को प्रोटीन मिलता है. इससे अंडे देने के लिए उसे ऊर्जा मिलती है. नर मच्छर खून नहीं पीते. वे फूलों और घास आदि से अपना भोजन प्राप्त कर लेते हैं. बता दें कि ओ पॉजिटिव ब्लड ग्रुप एच एंटीजन होता है. यह मच्छर को अधिक भाता है. ए और बी एंटीजन उसे उतने अच्छे नहीं लगते. एंटीजन एक प्रकार का प्रोटीन होता है. यह एंटीजन लाल रक्त कणिकाओं की सतह पर होते हैं. इसीलिए ओ पॉजिटिव ब्लड ग्रुप के लोगों को मच्छर अधिक काटते हैं.

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First published: 9 November 2021, 11:58 IST
 
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